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दादी माँ के खजाने में इतने राज छुपे हैं कि किसी भी तकलीफ का इलाज किया जा सकता है। उन्हीं नुस्खों में से घुटनों के दर्द के कुछ उपाय लायें हैं। * सुबह खाली पेट तीन-चार अखरोट की गिरियां निकाल कर कुछ दिनों तक खाना चाहिए। इसके नियंत्रित सेवन से घुटनों के दर्द में आराम मिलता है। नारियल की गिरी भी खाई जा सकती है। इससे घुटनों के दर्द में राहत मिलती है। नोट:-कोई भी नुस्खा ड़ाक्टर की सलाह से अपनाना चाहिए। * * * * * जब कभी भी अस्थमा की समस्या हो दादी माँ के नुस्खों में से कुछ घरेलु उपाय करने से राहत मिलती है। * एक पके केले को छिल्के सहित सेंककर बाद में उसका छिल्का हटाकर केले के टुकड़ो में पिसी काली मिर्च डालकर गर्म-गर्म दमे रोगी को देनी चाहिए। इससे रोगी को राहत मिलेगी। * तुलसी के पत्तों को अच्छी तरह से साफ कर उनमें पिसी काली मिर्च डालकर खाने के साथ देने से दमा नियंत्रण में रहता है। * गर्म पानी में अजवाइन डालकर स्टीम लेने से भी दमे को नियंत्रि‍त करने में राहत मिलती है। * * * * * जब कभी किड़नी में पथरी की समस्या हो तब दादी माँ का कहना है कि इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए ये उपाय काफी सहायक होता है। तीन हल्की कच्ची भिंड़ी को पतली-पतली लम्बी-लम्बी काट लें। कांच के बर्तन में दो लीटर पानी में कटी हुई भिंड़ी ड़ाल कर रात भर के लिए रख दें। सुबह भिंड़ी को उसी पानी में निचोड़ कर भिंड़ी को निकाल लें। ये सारा पानी दो घंटों के अन्दर-अन्दर पी लें। इससे किड़नी की पथरी से छुटकारा मिलता है। * * * * * कभी कभी पेट में वायु की अधिकता होने के कारण अफारा सा उठता है। दादी माँ का कहना है कि जब कभी ऐसा हो तो इन बातों को अजमाया जा सकता है। * ऐसी समस्या से छुटकारा पाने के लिए भोजन के बाद 3-4 मोटी इलायची के दाने चबा कर ऊपर से नींबू पानी पीने से पेट हल्का होता है। * सुबह-शाम 1/4 चम्मच त्रिफला का चूर्ण गर्म पानी के साथ लेने से पेट नर्म होता है। * अजवायन और काला नमक को समान मात्रा में मिला कर गर्म पानी से पीने से पेट का अफारा ठीक होता है। * पेट पर हींग लगाने से आराम आ जाता है। * * * * * कभी-कभी नाभि अपने स्थान से खिसक जाने पर काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए दादी माँ का यह उपाय किया जा सकता है। * मरीज़ को सीधा लिटाकर उसकी नाभि के चारों ओर सूखे आंवले का आटा बना कर उसमें अदरक का रस मिलाकर बांध दें और दो घंटों के लिए सीधा ही लेटे रहने दें। दो बार ऐसा करने से नाभि अपने स्थान पर आ जायेगी। दर्द और दस्त जैसे कष्ट भी दूर होंगे। * ऐसे समय में मरीज़ को मुंग की दाल वाली खिचड़ी खाने में देनी चाहिए। * अदरक और हींग का सेवन भी फायदा करता है। * * * * * जब कभी दस्त (Diarrhea) की समस्या हो जाय तब दादी माँ के इन नुस्खों में से कोई भी आजमाया जा सकता है। * खाना खाने के बाद एक कप लस्सी में एक चुटकी भुना ज़ीरा और काला नमक ड़ाल कर पीएं। दस्त में आराम आयेगा। * अदरक का रस नाभि के आस-पास लगाने से दस्त में आराम मिलता है। * मिश्री और अमरूद खाने से भी आराम मिलता है। * कच्चा पपीता उबाल कर खाने से दस्त में आराम मिलता है। * * * * * * जब कभी किसी को बार-बार मूत्र (Urine) आये और ये समस्या हरदम हो तब दादी माँ के नुस्खों में से किसी एक को आजमाया जा सकता है। * सुबह-शाम एक-एक गुड़ और तिल से बना लड्ड़ु खाना चाहिए। * शाम के समय काले भुने हुए चने छिल्का सहित खाएं और एक छोटा सा टुकड़ा गुड़ का खाकर पानी पी लें। * कभी-कभी एक चुटकी मैथी दाना खा सकते हैं। * * * * * दादी माँ का कहना है कि जब कभी गर्मी के कारण चक्कर आते हों, सिर दर्द हो और आँखों के सामने अन्धेरा आता हो तब हमें ये नुस्खा आजमाना चाहिये। * सूखा आवंला एक चम्मच और एक चम्मच सूखा धनियाँ कूट कर एक ग्लास पानी में रात भर के लिए ड़ाल कर रखें। सुबह मसल कर छान लें। इसमें दो चम्मच मिश्री (पिसी हुई) ड़ाल कर पी लें। तीन-चार दिन लगातार पीने से ये सभी शिकायते दूर हो जाती हैं। * * * * * कभी-कभी किन्ही कारणों से उल्टी होने लगती है और रुकने का नाम नहीं लेती। दादी माँ का कहना है कि तब इन घरेलु नुस्खों को आजमाया जा सकता है। * तुलसी के रस में बराबर की मात्रा में शहद मिला कर चाटने से उल्टी बन्द हो जाती है। * 2 चम्मच शहद में बराबर मात्रा में प्याज़ का रस मिला कर चाटने से उल्टी बन्द हो जाती है। * दिन में 5-6 बार एक-एक चम्मच पोदीने का रस पीने से उल्टी बन्द हो जाती है। * * * * * सर्दियों में अक्सर बच्चे सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। जब कभी बच्चों को सर्दी या बुखार हो जाय तब दादी माँ द्वारा बताए गए नुस्खों का प्रयोग किया जा सकता है। * दो-तीन तुलसी के पत्ते और छोटा सा टुकड़ा अदरक को सिलबट्टे पर पीस कर मलमल के कपड़े की सहायता से रस निकाल कर 1 चम्मच शहद मिला कर दिन में 2-3 बार देने से सर्दी में आराम मिलता है। * लौंग को पानी की बूंदों की सहायता से रगड़ कर उसका पेस्ट माथे पर और नाभि पर लगाना चाहिए। * एक कप पानी में चार-पाँच तुलसी के पत्ते और एक टुकड़ा अदरक ड़ाल कर उबाल लें पानी की आधी मात्रा रह जाने पर उसमें एक चम्मच गुड़ ड़ाल कर उबाल लें। दिन में दो बार दें। आराम आ जायेगा। इनमें से कोई भी नुस्खा अपनाया जा सकता है। * * * * * नोट:- कोई भी नुस्खा ड़ाक्टर की सलाह से अपनाना चाहिए। सर्दियों में अक्सर बच्चे सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। जब कभी बच्चों को सर्दी या बुखार हो जाय तब दादी माँ द्वारा बताए गए नुस्खों का प्रयोग किया जा सकता है। * दो-तीन तुलसी के पत्ते और छोटा सा टुकड़ा अदरक को सिलबट्टे पर पीस कर मलमल के कपड़े की सहायता से रस निकाल कर 1 चम्मच शहद मिला कर दिन में 2-3 बार देने से सर्दी में आराम मिलता है। * लौंग को पानी की बूंदों की सहायता से रगड़ कर उसका पेस्ट माथे पर और नाभि पर लगाना चाहिए। * एक कप पानी में चार-पाँच तुलसी के पत्ते और एक टुकड़ा अदरक ड़ाल कर उबाल लें पानी की आधी मात्रा रह जाने पर उसमें एक चम्मच गुड़ ड़ाल कर उबाल लें। दिन में दो बार दें। आराम आ जायेगा। इनमें से कोई भी नुस्खा अपनाया जा सकता है। * * * * * नोट:-कोई भी नुस्खा ड़ाक्टर की सलाह से अपनाना चाहिए। किस्सा बस से उतरकर जेब में हाथ डाला। मैं चौंक पड़ा। जेब कट चुकी थी। जेब में था भी क्या? कुल नौ रुपए और एक खत, जो मैंने माँ को लिखा था कि—मेरी नौकरी छूट गई है; अभी पैसे नहीं भेज पाऊंगा। तीन दिनों से वह पोस्टकार्ड जेब में पड़ा था। पोस्ट करने को मन ही नहीं कर रहा था। नौ रुपए जा चुके थे। यूँ नौ रुपए कोई बड़ी रकम नहीं थी, लेकिन जिसकी नौकरी छूट चुकी हो, उसके लिए नौ रुपए नौ सौ से कम नहीं होते। कुछ दिन गुजरे। माँ का खत मिला। पढ़ने से पूर्व मैं सहम गया। जरूर पैसे भेजने को लिखा होगा। लेकिन, खत पढ़कर मैं हैरान रह गया। माँ ने लिखा था—“बेटा, तेरा पचास रुपए का भेजा हुआ मनीआर्डर मिल गया है। तू कितना अच्छा है रे!…पैसे भेजने में कभी लापरवाही नहीं बरतता।” मैं इसी उधेड़-बुन में लग गया कि आखिर माँ को मनीआर्डर किसने भेजा होगा? कुछ दिन बाद, एक और पत्र मिला। चंद लाइनें थीं—आड़ी-तिरछी। बड़ी मुश्किल से खत पढ़ पाया। लिखा था—“भाई, नौ रुपए तुम्हारे और इकतालीस रुपए अपनी ओर से मिलाकर मैंने तुम्हारी माँ को मनीआर्डर भेज दिया है। फिकर न करना।… माँ तो सबकी एक-जैसी होती है न। वह क्यों भूखी रहे?… तुम्हारा— जेबकतरा भाई। ‘Aanand’ * * * * आदरणीय बिल्लु (Bill Gates) भैया को, इंड़िया से मुंगेरी लाल सरपंच का सलाम कबूल हो....आपके देश के एक और बिल्लु भैया (Bill Clinton) बतावत रहे कि ‘प्रेसीड़ेंटवा रहे’ ऊ भी इस पंचायत को एक ठो कम्प्युटर दे गये हैं। अब हमारे गांव में थोड़ा-बहुत हम ही पढ़े-लिखे हैं तो कम्प्युटर को हम घर पर ही रख लिए हैं। ई चिट्ठी हम आपको इसलिए लिख रहे हैं, कि उसमें बहुत सी खराबी है। (लगता है खराब सा कम्पयुटर हमें पकड़ाई दिये हैं) ढ़ेर सारी प्राबलम में से कुछ नीचे लिख रहे हैं, उसका उपाय बताईये— 1. जब भी हम इंटरनैट चालु करने के लिए पासवर्ड़ ड़ालते हैं तो हमेशा******* यही लिखा आता है, जबकि हमारा पासवर्ड़ तो ‘चमेली’ है....बहुत अच्छी लड़की है। 2. जब हम 'shut down' का बटन दबाते हैं, तो कोई बटन काम नहीं करता है। 3. आपने start नाम का बटन रखा है, stop नाम का कोई बटन नहीं है....रखवाईये... 4. क्या इस कम्पयुटर में 'rescooter' नाम का बटन है? आपने तो 'recycle' बटन रखा है, जबकि हमारी सायकिल तो दो महीने से खराब पड़ी है..... 5. 'Run' नाम का बटन दबा कर हम गांव के बाहर तक दोड़कर आये, लेकिन कुछ नहीं हुआ, कृपया इसे भी चैक करवायें... * * * * गम और खुशी एक बार की बात है गम और खुदा एक साथ बैठे थे। तब गम ने बात शुरु की और खुदा से पूछा, “क्या मैं इतना बुरा हूँ कि कोई मुझसे प्यार कर ही नहीं सकता?” तब खुदा ने कहा, ‘तेरे आने से लोग खुश नहीं होते, वो तेरी अहमियत जानते ही कहाँ हैं। तूं तो वो है जो अकेले ही सारी ज़िन्दगी हर इंसान का साथ देता है”। फिर गम ने पूछा, “फिर भी लोग मुझे पसन्द नहीं करते, क्या मैं कभी किसी के चेहरे पर हंसी नहीं ला सकता? क्या मेरे आने से किसी को खुशी नहीं हो सकती? तब खुदा ने कहा, “तेरा आना तो लोगों के लिए किस्मत की बात है क्योंकि तेरे आने के बाद ही लोगों को अहसास होता है कि खुशी क्या होती है। तेरे आने के बाद ही इंसान हर पल की अहमियत को समझ पाता है और वैसे भी किसी का गम किसी की खुशी होती ही है। तब गम को समझ आया कि वो दुख ही नही खुशी भी देता है। तब गम ने खुदा से विदा लेकर किसी का दामन पकड़ लिया। प्रेषक ‘आनन्द’ * * * * तर्क एक बार एक ट्र्क काफी ऊपर तक सामान से लदा हुआ जा रहा था। पुल के नीचे से निकलते समय ड्राइवर ने सोचा ट्र्क नीचे से निकल जायेगा। लेकिन ट्रक थोडा सा अन्दर जा कर फँस गया। न आगे जाये, न पीछे, बहुत कोशिशों के बाद भी ट्रक नहीं निकला। उसी समय एक बच्चा वहाँ आया और उसने पूछा कि "क्या हुआ"? ड्राईवर ने बताया सामान उपर तक होने के कारण, ट्रक अटक गया है। बच्चा बोला, 'यदि आप मुझे 50 डालर देंगे तो मैं आपका ट्रक निकलवा दूंगा'। ट्रक ड्राइवर ने उस बच्चे को थोड़ा सोच कर पैसे दे दिए। तब बच्चा बोला – "भाई, सभी टायरों की थोड़ी-थोड़ी हवा निकाल दो, ट्रक निकल जायेगा। आगे जाकर फिर हवा भरवा लेना"। यह कहकर बच्चा ड्राईवर को हैरान परेशान छोड कर उछल कूद करते हुये चला गया। -श्याम टमाटर टमाटर का सब्जियों में प्रयोग होने के साथ-साथ इसे सालाद के रूप में भी खाया जाता है। टमाटर गर्मियों में काफी फायदेमंद होता है। टमाटर को सॉस, चटनी, सूप, जूस के रूप में भी इसका प्रयोग होता है। * टमाटर का जूस पीने के साथ-साथ चेहरे पर भी लगाने से चेहरे में चमक आ जाती है। * टमाटर खाने से शरीर की गर्मी दूर होती है। * टमाटर के सेवन से दिल की बिमारी का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। * टमाटर कोलोस्ट्रोल को कम करने की क्षमता रखता है और कईं बिमारियों में सुरक्षा प्रदान करता है। * टमाटर वज़न कम करने की क्षमता रखता है क्योंकि इसमें कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो भूख लगने वाले हार्मोंस को कम कर देते हैं जिससे भूख नहीं लगती। * टमाटर में विटामिन सी, बीटाकैरोटीन, लाईकोपीन, विटामिन ए और पौटाशियम काफी मात्रा में पाया जाता है। * * * * ‘पारस्ले’ (Parsley) किड़नी को साफ रखने का आसान तरीका किड़नी खून में से नमक, जहरीले तत्वों और फालतु तत्व जिनकी जरूरत नहीं है, उन्हें खून से छान कर बाहर निकालती हैं। पार्सले किड़नी को साफ करने में बहुत मदद करता है। एक गुच्छी पार्सले को साफ कर, अच्छी तरह धो कर छोटा-छोटा काट लें और एक लीटर पानी ड़ाल कर दस मिनट तक उबाल लें। ठंड़ा होने पर छान कर एक बोतल में ड़ाल कर फ्रिज़ में रख लें। प्रतिदिन एक ग्लास ये पानी पीना चाहिए। ये पानी आपकी किड़नी से सभी फालतु के तत्व पेशाब के जरिए बाहर निकल जायेंगे और आप स्वयं ही काफी परिवर्तन देखेंगे। CLEAN YOUR KIDNEYS WITH PARSLEY Kidneys filter the blood by removing salts, toxic and other unwanted products entering our body. With time, the salt accumulates and this needs to undergo cleaning treatments. Rinse a bunch of parsley and wash it clean Then cut it in small pieces and boil in 1 liter water for ten minutes. Let it cool and then filter and store in a clean bottle. You may refrigerate. Drink one glass of this water daily to remove unwanted salts and other accumulated toxic material from the body. Parsley is the best known for cleaning treatment of kidneys and it is a natural herb! ‘प्रीती’ मेथी मेथी प्राय: सभी घरों में पाई जाती है। मेथी के छोटे-छोटे दानों में विटामिन सी, नियसिन, पौटाशियम और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व पाये जाते हैं। भारत में सबसे अधिक मेथी का प्रयोग अचार के मसालों में किया जाता है। मेथी के दानों के अलावा मेथी के पत्तों का इस्तेमाल भी किया जाता है। मेथी का साग बनाना या फिर मेथी के साथ आलु का उपयोग करके सब्जी बना कर खाई जाती है जो काफी लाभप्रद होती है। मेथी के पत्तों को सुखा कर मसल कर आलु की सब्जी में स्वाद बढ़ाने के लिए भी इस्तेमाल की जाती है। सब्जी के अलावा मेथी का प्रयोग औषधि के रूप म्रें भी किया जाता है। क्योंकि ये हमें कईं रोगों से छुटकारा दिलाती है। मेथी को गठिया, कब्ज और ऐसीड़िटी की समस्या से छुटकारा के लिए कईं दवाओं में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। * दस ग्राम मेथी को 100 मि.लि. पानी में भिगोकर सुबह उसको मसल कर खा लें, साथ ही उस पानी को पी लें। इससे ड़ॉयबीटीज़ में फायदा होता है। * रोज सुबह एक ग्राम मेथी के दानों को पानी के साथ निगलने से घुटने एवमं शरीर के जोड़ मजबूत होते हैं, वायु के रोग नहीं होते, उच्च व निम्न रक्त-चाप नहीं होता। * भीगी हुई मेथी को मिश्री के साथ खाने से पायरिया में राहत मिलती है। * मेथी को घी में सेककर उसका आटा बना लें। फिर उसके लड्ड़ु बना कर रोज एक-एक लड्ड़ु खाएं। 10-12 दिनों में ही हाथ-पैर के दर्द में आराम मिलता है। * मेथी की भाजी का 50 मि.लि. रस निकाल कर उसमें छ: ग्राम मिश्री मिला कर पीएं। * 20 ग्राम सूखी मेथी पॉउड़र को 40 ग्राम दहीं में मिलाकर लेने से आंव में राहत मिलती है। vk¡oyk % dqN [kkl lnhZ esa Hkjiwj :Ik ls feyus okyk Qy vk¡oyk LokLF; ds fy, vR;Ur gh egRoiw.kZ gSA ;g uoEcj ls ‘kq# gksdj Qjojh ds vfUre fnuksa rd vklkuh ls feyrk gSA ;g Qy foVkfeu ^lh* ls le`) Qy gSA ;fn rqyukRed v/;;u fd;k tk, rks vk¡oyk esa uhcw ls 15 xquk o xszi ÝwVksa ls 20 xquk vf/kd ek=k esa foVkfeu ^lh* ik;k tkrk gSA foVkfeu ^lh* vFkkZr~ ¼,LdkfcZd ,flM½ tks ‘kjhj dh dksf’kdkvksa ij fu;U=.k j[krk gS vkSj laØe.k ds izfr izfrjks/kd {kerk c<+krk gSA foVkfeu ^lh* vU; foVkfeuksa ds {kj.k dks jksdrk gS rFkk ;g ‘kjhj ds dSfY’k;e ds lkFk lEidZ dj 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केरला, तमिलनाडु में पाया जाता है। वहाँ के लोगों की जीवीका नारियल की खेती है। नारियल के पेडों को पाँच-पाँच फीट की दूरी पर लगाया जाता है तथा इनकी लम्बाई पचास फीट से ऊपर होती है। नारियल का पेड आजीवन फल देता है। * नारियल का पानी बहुत मीठा और स्वादिष्ट होता है। नारियल पानी पित्तनाशक होता है। * गर्मियों में नारियल पानी पीने से प्यास नहीं लगती तथा तरावट बनी रहती है। * सिर दर्द होने पर नारियल की गिरि भून कर खाना लाभप्रद होता है। * नारियल की चटनी भी बना कर खायी जाती है। तथा सब्ज़ियो मे भी इसका प्रयोग किया जाता है। * यह फल सभी शुभ अवसरों पर प्रयोग में लाया जाता है। * जले हुये स्थान पर नारियल का पानी या तेल लगाने से फायदा होता है। * नारियल का लगातार सेवन करने से आँखो की ज्योती तेज़ होती है। * नारियल बलवर्धक होता है। * नारियल का तेल बालो में लगाने से बाल जल्दी सफेद नही होते। * नारियल का तेल बालो में लगाने से रूसी नही होती। * नारियल का तेल खाने में भी प्रयोग किया जाता है। * नारियल का तेल क्रीम, साबुन तथा सौन्दर्य प्रसाधनो में भी प्रयुक्त होता है। * नारियल की खली पशुओं का चारा बनती है। * नारियल की लकडी तथा पत्तो से चटाई तथा रस्सी बनायी जाती है। * * * * स्वास्थ वर्धक केला रोज एक केला दिल के लिये अच्छा साबित हो सकता है”? सदियों से केला अपने इसी रूप में सभी का पसंदीदा और आसानी से मिलने वाला फल है। केले की सभी किस्मे अपने अन्दर ऐसे गुण रखते हैं, जिससे कई प्रकार की बिमारियों को ठीक किया जा सकता है। केले मे sucrose, fructose, glucose नामक natural sugars होते हैं। एक सर्वे के अनुसार जो लोग मानसिक तनाव से ग्रसित होते हैं, केला खाने के बाद उनका तनाव कम हो जाता है, क्योंकि केले मे tryptophan नामक प्रोटीन पाया जाता है जो शरीर को आराम देकर तनाव मुक्त कर देता है। एक केला केवल एक केला रोज आपको दिल की बिमारियों से दूर रख सकता है। केले में पोटाशियम और मैग्निशियम होता है, जो उच्च रक्तचाप और दिल के दोरे से लोगो को बचाता है। म्धु मेय (Diabetes) के मरीज़ डाक्टर से सलाह लेकर केले का सेवन करें। केवल केला ही नहीं अपितु संतरा, मौसमी, नींबू, आंवला में भी पोटाशियम और मैग्निशियम काफी मात्रा में पाया जाता है। इन फलों को खाने से उच्च रक्त चाप को रोकने में मदद मिलती है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की गाइड लाईन्स के अनुसार जो लोग प्रतिदिन 4.7 ग्राम पोटैशियम लेते हैं, उनमे हार्ट अटैक की सम्भावना कम हो जाती है। व्यक्ति को प्रतिदिन 4 ग्राम सोडियम की जरुरत होती है, जबकि भारत मे हर व्यक्ति 12 ग्राम सोडियम अर्थात नमक का सेवन करता है और पौटाशियम केवल 2.7 ग्राम लेते है जबकि पौटाशियम 4.7 लेना चाहिये। नमक का अधिक इस्तेमाल शरीर मे पोटाशियम की कमी कर देता है, जिससे उच्च रक्त चाप और हार्ट अटैक की सम्भावना बढ जाती है। हार्ट केयर फाउंडेशन के अध्यक्ष डा: के.के.अग्रवाल के अनुसार जहां लोग कम नमक खाते है और केला, संतरा, मौसमी, आंवला और नींबू अधिक खाते है, उन लोगों में उच्च रक्त चाप की समस्या कम होती है तथा दिल के दोरे से बचाव होता है। * * * * नमक का इस्तेमाल आज के निदान शास्त्र में नमक जहर की तरह समझा जाता है। ह्रदय रोग, मोटापा ,रक्तचाप जैसी बिमारियों के लिये नमक वर्जित है। परंतु उपचार में नमक बहुत ही लाभदायक है। जब कभी गर्म बर्तन पर या गर्म तेल हाथ पर गिर जाता है तो नमक जले हुए स्थान पर मल दें, फफोले नही पड़ेगें। यदि शहद की मक्खी काट ले तो तुरंत नमक मल दें। यदि देर तक चलने से पैरों में थकावट आ जाय तो गर्म पानी में नमक डाल कर, पैरों को आधा घंटा पानी में डाल कर रखने से पैरों की थकावट चली जाती है तथा नींद भी अच्छी आती है। किसी बिमारी के कारण या लकवे के कारण हाथ न चले तो सेंधा नमक का टुकडा हथेली पर धीरे-धीरे मलें, फायदेमंद होगा। गला खराब होने पर नमक के पानी से गरारे करने से आराम मिलता है। नमक से दांत साफ करने से दांत तथा मसूडे स्वस्थ रहते हैं और नमक मुंह के अन्दर मौजूद बैक्टीरिया को भी नष्ट करता है। दादी ऊषा रानी * * * * नमक, केवल आयोडीन युक्त नमक जिस तरह नमक भोजन को स्वादिश्ट एवं नमकीन बनाता है, उसी प्रकार नमक त्वचा को भी कांतिमय एवं नमकीन बनाता है। यदि त्वचा को कांतिमय बनाए रखना है तो पानी मे नमक डाल कर स्नान करना चाहिये। * चुटकी भर नमक और सरसो का तेल मिला कर दांत साफ करने से दांत चमकदार और निरोग मुक्त रहते हैं। * कच्चे दूध मे चुटकी नमक डाल कर चेहरे को साफ करने से चेहरा कांतिमय रहता है। सप्ताह मे दो बार करें। * नींबू के छिलके पर थोडा सा नमक लगा कर कोहनियों पर रगडने से कालापन चला जाता है। * हाथो एवं पैरो की सफाई के लिये हल्के गर्म पानी मे नमक डाल कर साफ करने से मैलापन निकल कर हाथो व पैरो की त्वचा मे चमक आ जाती है। * रात को सोते समय नमक मिले पानी से चेहरा धो कर थपथपा कर पौंछ कर बादाम का तेल लगा कर सो जाएं। चेहरा दमकने लगेगा। * यदि कभी गर्म बर्तन पर हाथ लग गया है या गर्म तेल हाथ पर गिर गया है तो नमक रगड लेना चाहिये छाला नही पडेगा। * यदि शहद की मक्खी ने काट लिया है तो नमक की डली धीरे-धीरे रगडे, आराम आ जायेगा। * गर्म पानी मे नमक डाल कर गरारे करने से गला साफ होता है। * पांव थके होने पर गर्म पानी मे नमक डाल कर थोडी देर के लिये इसमे पांव डाल कर बैठे तुरंत थकावट गायब हो जायेगी। खाने मे हमेशा आयोडीन युक्त नमक ही प्रयोग करना चाहिये। आयोडीन एक प्राक्रतिक तत्व है जो शरीर के लिये बहुत आवश्यक है। आयोडीन शरीर और मस्तिष्क का सही रूप से विकास करता है। शरीर मे प्र्याप्त मात्रा मे आयोडीन होने से शरीर पचे हुए खाने को उर्जा मे बदल देता है जिससे हमारे शरीर का विकास उचित रूप से होता रहता है। आयोडीन की कमी का गर्भवती महिलाओं और गर्भ मे शिशु पर गहरा प्रभाव पडता है। इसकी कमी से शिशु जन्म से पहले जन्म ले सकता है या फिर मृत्यु की आशंका बढ जाती है अर्थात गर्भपात का खतरा बढ जाता है, बच्चा अपंग हो सकता है तथा मां के दूध मे आयोडीन का कमी हो सकती है। आयोडीन की कमी से स्कूल जाने वाले बच्चो के मस्तिष्क का विकास नही हो पाता जिससे वह बच्चे पढाई-लिखाई मे पिछड जाते है। आयोडीन की कमी से शरीर पचे हुए खाने को उर्जा मे नही बदल पाता जिससे हमे पूर्ण शक्ति नही मिल पाती और शरीर आलस और सुस्ती से भर जाता है। वास्तव मे शरीर को आयोडीन बहुत कम मात्रा मे जरूरत होती है परन्तु ये हमे नियमित रूप से मिलना जरूरी है और नमक ही ऐसी वस्तु है जो हम खाने के द्वारा प्रतिदिन लेते है इसलिये नमक आयोडीन युक्त ही लेना चाहिये। यदि शरीर मे आयोडीन की मात्रा अधिक हो जाए तो पैशाब द्वारा निकल जाता है, जितना जरूरत होता है उतना शरीर ग्रहण कर लेता है। इसलिये आयोडीन वाला नमक कभी भी नुकसान नही करता। शरीर को केवल 4 ग्राम आयोडीन की जरुरत होती है इसलिये हमे नमक का प्रयोग सीमित मात्रा मे करना चाहिये ताकि उच्च रक्त चाप जैसी बिमारियो से भी बचा फैंग़ शुई के कुछ टिप्स ¯ घर के बाहर कुछ कलात्मक तस्वीर लगानी चाहिए जिससे सकारात्मक उर्जा का प्रवाह बना रहता है। ¯ घर के ड़्राईंग रूम, शौचालय, स्नान घर में किसी कांच के छोटे से ग्लास या कटोरी में नमक ड़ाल कर रखना चाहिए। जिससे घर से नकारात्मक उर्जा नष्ट होकर सकारात्मक उर्जा का प्रवाह रहता है। ¯ ¯ ¯ ¯ ¯ ¯ घर के बाहर गार्ड़न बनाना अच्छा होता है, जिसमें पानी का फव्वारा और लाईट्स लगाने से सकारात्मक उर्जा का प्रवाह होता है। ¯ बैड़रूम में किसी करणवश टैलीविज़न या व्यायाम का उपकरण रखना ही पड़े तब उसे रात के समय ढ़क देना उचित होता है। ¯ फ्रिज और चुल्हा आमने-सामने नहीं होना चाहिए। ¯ घर का नम्बर यदि चार हो तो उसके आगे या पीछे कोई जीरो का चिन्ह बना दे ¯ ¯ ¯ ¯ ¯ ¯ घर पर कोई भी उदासी भरी या हिंसात्मक तस्वीर नहीं लगानी चाहिए। ¯ सोने वाले (Bed Room)कमरे में टी.वी, कम्पयुटर या व्यायाम के उपकरण नहीं होने चाहिये। ¯ घर पर रखा ऐसा सामान जिनका प्रयोग नहीं किया जाता अर्थात वह फालतु है उन्हें घर से बाहर निकाल देना चाहिए। ¯ ¯ ¯ ¯ ¯ ¯ सोने वाले कमरे में रोशनी धीमी रखनी चाहिए और कमरे में हर समय मोमबतियां जलानी अच्छी होती है। ¯ यदि आपका घर व्यस्त गली या सड़क पर है तो घर के बाहर बुद्धा का बुत रखना चाहिए जिससे सकारात्मक उर्जा को घर के अन्दर आने में रुकावट न हो। ¯ ड़ॉयनिंग में मार्बल का टेबल नहीं होना चाहिए। ¯ घर में लगी भगवान की मूर्ति या तस्वीर की पीठ (Back) घर के बाहर की तरफ होनी चाहिए। ¯ ¯ ¯ ¯ ¯ ¯ घर में लम्बा और संकीर्ण गलियारा नहीं होना चाहिए। यदि है तो गलियारे में रोशनी अधिक होनी चाहिए। ¯ सोने वाले कमरे में खिड़कियाँ अधिक से अधिक खोलनी चाहिए जिससे सकारात्मक उर्जा अधिक आ सके। ¯ घर की चौखट पर लाल फूल लगाने चाहिए। ¯ रसोई घर में गैस का चुल्हा और सिंक आमने-सामने नहीं होना चाहिए। ¯ ड़्रॉईंग रूम में लाल रंग के सोफे नहीं होने चाहिए। a b c d e f g h i j k l m n o p q r s t u v w x y z a b c d e f g h i j k l m n o p q r s t u v w x y z hindi magazine guldusta online lekh new zealand recipies nuske tips abcdefghijklmnopqrstuvwxyz qwertyuiop content हिंदी