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a b c d e f g h i j k l m n o p q r s t u v w x y z a b c d e f g h i j k l m n o p q r s t u v w x y z hindi magazine guldusta online lekh new zealand recipies nuske tips abcdefghijklmnopqrstuvwxyz qwertyuiop content हिंदी beauty बुढ़ापे को रोकने के उपाय हमारी हररोज की भागदोड़ के कारण इंसान उम्र से पहले ही बूढ़ा होने लगता है। उम्र का असर हमारे सौन्दर्य पर भी पड़ता है। कुछ ऐसी बातें और कुछ ऐसे उपाय जो हमारे सौन्दर्य को बनाएं रखें और बढ़ती उम्र को बेअसर कर दें और आसानी से प्रयोग में भी लाएं ज सकें। इसके लिए हमें अपनी त्वचा को साफ रखना चाहिए और किसी सौन्दर्य विशेषज्ञा से महीने में एक बार फैशियल करवाना चाहिए। साथ ही साथ घर पर भी त्वचा को साफ रखना चाहिए। तनाव मुक्त रहने की कोशिश करनी चाहिए और साथ ही साथ अपने खान-पान पर भी ध्यान देना चाहिए। साधारण खान-पान के साथ अगर उचित फलों का सेवन किया जाय तो जल्दी आने वाले बुढ़ापे को रोका जा सकता है। फल जो कि सौन्दर्य के साथ-साथ हमें स्वास्थय भी प्रदान करते हैं। यूं तो सभी फलों में पोषक तत्व पाए जाते है इसलिए अपने दिनभर के आहार में हमें फलों को भी शामिल करना चाहिए। सभी तरह के फल और सब्जियां प्रत्येक रंग की हों सभी का सेवन करना चाहिए। सब्जियां और फल जिनमें रेशा हो, अलग-अलग रगं के हो और खट्टे फल हो सभी खाने चाहिए। रंग-बिरगें फल और सब्जियां अर्थात साधारण सब्जियों और फलों के साथ-साथ सभी तरह की बैरीज़, (स्ट्राबैरी, चैरी, ब्लुबैरी, ब्लैक बैरी) सभी तरह की गोभी, (फूलगोभी, पत्ता गोभी, बैंगनी गोभी) और सभी तरह के अंगूर,(काले अंगूर लाल अंगूर,हरे अंगूर) का भी सेवन करना चाहिए जो हमारी जल्दी आने वाली झुरियों को बेअसर करते हैं। इसी प्रकार विटामिन सी से भरपूर खट्टे फल जैसे किवि, नींबू, संतरा आदि का सेवन करना चाहिए जो जल्दी आने वाले झुरियों को रोकते हैं। रेशे वाले फल जैसे- ऐवाकैड़ो, खुबानी, अंजीर ऐसे फलों का सेवन करना चाहिए। साथ-ही-साथ कुछ फल जो कि छिल्के सहित खाए जा सकते हैं उन्हें छिल्के सहित ही खाना चाहिए ताकि हमें फाईबर अधिक मात्रा में मिल सके। साथ ही साथ जो फल भी खाएं उसे मसल कर चेहरे पर भी लगा लें जिससे चेहरे पर झुरियां देर तक नहीं आती। सप्ताह में एक बार चेहरे पर अंड़ा लगाना चाहिए। रूखी त्वचा पर अंड़े की जर्दी और तेलिय त्वचा पर अंड़े का सफेद भाग लगाना चाहिए। चेहरे पर अंडा लगाने से रोमछिद्र सीमेत रहते है। यदि इन सभी बातों का ध्यान रखा जाय तो जल्दी आने वाले बुढ़ापे को रोका जा सकता है। बालों में रूसी या सिकरी बालों में कईं कारणों से रूसी अर्थात सिकरी हो जाती है जिस कारण बाल झड़ने लगते हैं। यहां तक कि गंजापन भी आ सकता है। यदि समय पर इस समस्या से छुटकारा पा लिया जाय तो बालों को समय रहते खराब होने से बचाया जा सकता है। इनमें से कुछ उपाय जिन्हें घर पर ही आसानी से प्रयोग में लाया जा सकता है। * बालों में बादाम के तेल को हल्का गर्म कर मालिश करें और फिर तोलिये को गर्म पानी से निकाल कर निचोड़ कर बालों को लपेट लें। इसे होट ऑयल थैरेपी कहते हैं। * 2 चम्मच दहीं में 4 बूंदे शहद की मिला कर बालों की जड़ में लगाएं। 40 मिनट के बाद धो लें। * ब्रांड़ी को बालों की जड़ में लगाएं और एक घंटे बाद धो लें। * नारियल के तेल में 1 चम्मच नींबू का रस मिला कर बालों की जड़ में लगाएं। 40 मिनट के बाद धो लें। * मैथी की ताजा पत्तियों को पीस कर उसका पेस्ट बालों की जड़ में लगाएं। 30 मिनट बाद धो लें। * प्याज़ को कस लें और रस निकाल लें। इसे बालों की जड़ में लगाएं। 30 मिनट के बाद धो लें। बालों के लिए कंड़िशनर : * 1 अंड़ा, 2 चम्मच जैतून का तेल, दो चम्मच ग्लिसरीन, एक चम्मच सिरका मिला कर फैंट लें। साफ बालों में यह कंड़िशनर लगाएं और 30 मिनट के बाद बाल धो लें। कैसे रखें त्वचा को कांतिमय बदलते मौसम का असर त्वचा पर सबसे पहले पडता है। आपको ऐसा कुछ करना चाहिए जिससे त्वचा सदाबहार रहे। त्वचा पर बदलते मौसम के अतिरिक्त मानसिक तनावो के कारण भी असर पडता है। इन सबसे बचने के लिये स्वयं को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखें। सबसे पहले आप तनावमुक्त रहें। शारीरिक कार्यो की अधिकता से जब थक जाते है और तनाव ग्रस्त हो जाते है तो इसका सीधा असर आपकी त्वचा पर पडता है। त्वचा की नमी समाप्त हो जाती है और बेजान हो जाती है। उम्र से पहले ही चेहरे पर झुरियां आ जाती है। इसलिये खुद की सोच सकारात्मक बना कर तनाव मुक्त रहें। तनाव से त्वचा के साथ-साथ स्वास्थय पर भी गहरा असर पडता है। जब कभी भी आप तनाव की स्थिति मे होते है तो माथे पर, आंखो के चारो तरफ कुछ लाईने आ जाती हैं। जो उम्र से पहले तनाव के कारण aaआ जाती हैं। ऐसी स्थिति से बचने का एक ओर कारागर उपाय मेडिटेशन है। जिसके दौरान आप नियमित रूप से योग कर सकते हैं, ध्यान कर सकते है। इससे आपमे उर्जा का विकास होगा और सोच सकारात्मक होगी। इस सकारात्मक सोच का असर आपकी त्वचा पर भी होगा। शारीरिक रूप से आपको त्वचा के सफाई रखनी चाहिये। रसायनयुक्त क्रीमो का इस्तेमाल कम से कम करें। जितना हो सके प्राक्रतिक चीज़ो का इस्तेमाल करें। त्वचा को हमेशा साफ रखें। सप्ताह मे कम से कम एक बार पूरे शरीर की मालिश किसी हर्बल तेल से करनी चाहिये और एक घंटे बाद स्नान करना चाहिये। ताकि त्वचा को जितने तेल की आवश्यकता है उसे मिल सके। शरीर की आन्दरूनी एवं बाहरी सफाई के लिये पानी किसी चमत्कार से कम नही है। पानी सबसे सस्ता साधन है जिसे आप बडी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसलिये जितना हो सके उतना पानी पिएं। पानी शरीर की पूर्ण रूप से सफाई करता है। पसीने और पैशाब के माध्यम से शरीर के विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं। जिससे स्वास्थय भी ठीक रहता है और त्वचा भी दमकने लगती हैं। त्वचा की सफाई त्वचा की सफाई बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे मृत त्वचा हट जाती है और वह धूलकण भी साफ हो जाते है जो त्वचा के रोम छिद्र बन्द किये होते है। साबुन और प्राकृतिक सफाई प्रसाधन-- त्वचा विषेशज्ञो का कहना है कि त्वचा को साबुन से बचाना चाहिये क्योंकि साबुन त्वचा को रूखा बनाता है। इसकी बजाय प्राक्रतिक प्रसाधनो की सहायता से अच्छे कलींज़र बनाये जा सकते है। जैसे नारियल तेल और पानी के सीमित मिश्रण से चेहरा साफ करने से पानी चेहरे की मिट्टी को साफ करता है। प्रभावशाली स्किन कलींज़र मे काफी मात्रा मे वैजिटेबल ऑयल होते है, जैसे नारियल, तिल और पाम ऑयल आदि। फेशियल स्क्रब भी धूल कण हटा कर मृत त्वचा को हटाता है। हमारी सलाहानुसार सबको फेशियल स्क्रब का प्रयोग करना चाहिये क्योंकि इसमे हल्का खुरदरापन होता है जो मृत त्वचा को हटाने मे मदद करता है। इनमे अधिकतर हल्का ओटमील या बादाम का पाउडर होता है और कुछ मात्रा मे बादाम, एपरीकोट और अखरोट के छिलके मिले होते है। यदि औरतों की बजाय मर्दो की ओर देखा जाय तो पाया जाता है कि मर्दो की त्वचा अधिक मुलायम और साफ होती है। विषेशज्ञो का कहना है कि मर्द प्रतिदिन शेव करके मृत त्वचा को हटा देते है, जिससे त्वचा के धूलकण हट कर त्वचा को सांस लेने मे मदद करते हैं। यही कारण है कि मर्दो की त्वचा औरतों के मुकाबले अधिक मुलायम होती है। इसलिये औरतों को हर दूसरे दिन हल्का फेशियल स्क्रब का प्रयोग करना चाहिये। चेहरे को साफ करने का सही तरीका— चेहरे को पानी से गीला करें। कलींज़र को दोनो हथेलियों में लगायें। उंगलियों की सहायता से चेहरे और गले पर मालिश करें। साफ पानी से धो लें। मुलायम तौलिये से थप-थपा कर पोंछ लें। सर्दियों में त्वचा की देखभाल सर्दियों में अक्सर त्वचा रूखी-रूखी हो जाती है। रूखी त्वचा को नमी देने के लिए बहुत से उपाय हैं जिन्हें अपनी त्वचा और सुविधा अनुसार प्रयोग में लाया जा सकता है। * टमाटर का रस अपने चेहरे पर लगा सकते हैं। * मलाई में शहद मिला कर चेहरे और गर्दन पर लगा सकते हैं। * बादाम के तेल में नींबू का रस लगा सकते हैं। * 15 दिन में एक बार ग्लिसरिन में 2-4 बूंदे नींबू की और पानी की सहायता से शरीर की मालिश की जा सकती हैं। * ग्लिसरिन में गुलाबजल मिला कर लगाया जा सकता है। * जौ का आटा और मिल्क पॉउड़र को दहीं या मलाई की सहायता से पेस्ट बना लें और शरीर पर मालिश करें। इससे त्वचा मुलायम होगी। सौन्दर्य कुछ खास टिप्स प्रत्येक व्यक्ति चाहे वो स्त्री है या पुरुष खूबसूरत दिखना चाहता है। स्वयं को खूबसूरत बनाए रखने के लिए काफी बातों की जानकारी होनी चाहिए। कुछ ऐसी बातें अगर आप इसे अपनाते हैं तो स्वयं की खूबसूरती बनाए रख सकते हैं। * बालों में तुरंत चमक लाने के लिए हेयर सीरम का प्रयोग करें। * छोटी आँखों को बड़ा दिखाने के लिए व्हाईट आई पैंसिल का प्रयोग करें। * आँखों की पफीनैस को छुपाने के लिए गहरे रंग का आई शैड़ो का इस्तेमाल करें। * होंठों को सही आकार देने के लिए लिप लाईनर या लिपस्टिक ब्रश से आउट लाईन बनाएं और फिर लिपस्टिक लगाएं। * चेहरे पर इंसैंट ग्लो लाने के लिए वाईट्लाईज़र को मौश्चराईजर के साथ मिला कर लगाएं। * गर्मियों में चेहरे पर ठंड़े पानी के छींटे मारते रहना चाहिए इससे चेहरे पर झुरियां दस्तक नहीं देती। * चेहरे पर केला मसल कर लगा कर 10-15 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें। इससे चेहरे पर चमक बनी रहती है। * चेहरे को मलाई से मालिश करने से त्वचा चमकदार बनी रहती है। * थकान होने पर नींबू का रस और शहद समान मात्रा में मिला कर लगाने से चेहरे पर ताजगी आ जाती है। * नाखुनों को चमक देने के लिए इन पर क्युटीकल ऑयल लगाना चाहिए। सर्दियों में नाखून और बालों की देखभाल मौसम के बदलते स्वरूप को देखकर हमें अपने सौन्दर्य पर भी ध्यान देना चाहिए। खास कर हमारी नाखून और बाल। हाथों की खूबसूरती नाखून से होती है जिन्हे झुठलाया नहीं जा सकता। ठंड़े मौसम में नाखून कुछ ज्यादा ही कठोर हो जाते हैं और इनमें क्रैक्स आ जाते है। * नाखून को पोषण देने के लिए पैट्रोलियम जैली या जैतून का तेल से मालिश कर सकते हैं। * कोको बटर या विटामिन ई ऑयल से भी मालिश कर सकते हैं। बालों के लिए : सर्दियों मे हवाओं का असर बालों को रूखा बना देता हैं। इन सभी समस्याओं से बचने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं। * सर्दियों में बालो की मालिश काफी लाभदायक होती है। जैतून का तेल, अरंड़ी का तेल व नारियल का तेल बराबर-बराबर मात्रा में मिला कर हल्का गर्म कर मालिश की जा सकती है। जिससे बालों का रूखापन और सिकरी की समस्या समाप्त हो जाती है। * सर्दियों में बाल धोने के लिए ज्यादा गर्म पानी का प्रयोग नहीं करना चाहिए। * बालों में ज्यादा हेयर ड़्रायर का प्रयोग और हेयर कलर भी बालों को अधिक रूखा बना देता है। * तेज हवाओं के समय स्कार्फ पहनने से बालों को नुकसान से बचाया जा सकता है। मुहांसे 15 से 30 वर्ष की आयु में मुहांसे निकलना एक आम सम्स्या है। हार्मोंस के बदलाव के कारण शरीर के सिबेशियस ग्लैंड़स अधिक मात्रा में ऑयल (सीबम) पैदा करते हैं। ये ऑयल हमारी त्वचा के रोम छिद्र () का मुंह बन्द कर देते है जिसके कारण किटाणु सीबम पर क्रियांत्वित हो जाते है और चेहरे पर सूजन हो जाती है और व्हाईटहैड़्स, ब्लैक हैड़्स और मुहांसे हो जाते हैं। कहते है कि प्रत्येक चीज की अति हानिकारक होती है। इसी प्रकार सीबम अर्थात ऑयल की अधिकता के कारण रोम छिद्र बन्द हो जाते है और मुहांसे हो जाते हैं। हमेशा चेहरा धोने के पश्चात चेहरे को थप-थपा कर पौंछें। त्वचा को धीरे-धीरे साफ करें और एक ऐसा क्लींज़र इस्तेमाल करें जो त्वचा से मुहांसों से लड़ने वाले तत्व पये जाएं। चेहरे को कम से कम हाथ लगाएं क्योकि ज्यादा छूने से या मुहांसों को दबाने से चेहरे पर दाग बनाया जाते हैं। यदि फेस वाश का इस्तेमाल करते हैं तो हमेशा ऑयल फ्री का ही प्रयोग करना चाहिए। युवा अवस्था में अक्सर मुहांसे आ जाते हैं और अगर मुहांसे ठीक हो जाते है तो भी दाग-धब्बे रह जाते हैं। ऐसे में त्वचा का अधिक ध्यान रखना पड़ता है। मुहांसे अक्सर तेलिय त्वचा में आते हैं। तेलिय त्वचा पर धूलकण चिपक जाते है और रोम छिद्रों को बन्द कर देते हैं जिससे त्वचा सांस नही ले पाती और मुहांसे आ जाते हैं। इसके लिए सबसे पहले जरूरी है कि त्वचा को साफ रखा जाय और फालतु ऑयल को हटाया जाय। अच्छे क्लींजर से फालतु ऑयल हटाने के अलावा मृत सैल्स भी साफ हो जाते हैं। * मुहांसों को कभी भी फोड़ना नहीं चाहिए वरना दाग बन जाता है। * जब भी चेहरे को धोएं हल्के हाथों से साफ करना चाहिए और थपथपा कर पौंछना चाहिए। * क्लींजिंग के लिए ऑयली त्वचा के लिए रूईं की फाये पर एसट्रैंजेंट लगा कर साफ करना चाहिए। * क्लींजिंग के लिए एक टमाटर के रस को दो बड़े चम्मच दूध के साथ मिला लें। इस मिश्रण को चेहरे पर लगायें और 15 मिनट के बाद चेहरा पानी से धो लें। * ताजा ज़ीरा को पीस कर पेस्ट बना लें और मुहांसों पर लगाए और सूखने पर ताजा पानी से धो लें। * खजूर या छुआरे की गुठली को सिरका की सहायता से सिलबट्टे पर घिस कर पेस्ट बना कर मुहांसों पर लगाने से समस्या का निदान होता है। * जॉयफल को दूध की सहायता से सिलबट्टे पर घिस कर मुहांसों पर लगाने से मुहांसे सूख जाते है। * जब मुहांसे सूख जाएं लेकिन दाग रह जाएं तब रात को बादाम पानी में भिगो दें और सुबह एक बादाम का छिल्का उतार दें और बादाम को सिलबट्टे पर पानी की सहायता से घिस कर उस पेस्ट को चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट के बाद ताजा पानी से साफ कर लें। * कुछ दिनों तक लगातार बादाम पेस्ट लगाने से दाग हल्के होने लगते हैं। वैक्सिंग बाज़ुओं को अधिक आकर्षक बनाने के लिए बाहों से अवांछित बालों को वैक्सिंग द्वारा हटाया जा सकता है। यूं तो बालों को अन्य कईं साधनों से हटाया जा सकता है परंतु वैक्सिंग सबसे उत्तम तरीका है। वैक्सिंग द्वारा बालों को जड़ से निकाला जाता हैइसलिए बाल जल्दी नहीं उगते। यदि इसे किसी की सहायता से किया जाय तो आसानी से हो जाती है। वैक्स बनाने के लिए: 1/2 कप चीनी लें। इसमें एक नींबू का रस ड़ाल कर हल्की आंच पर पकाएं। पक जाने पर इसमें 2 बूंदे ग्लिसरिन मिलाएं। ये जानने के लिए कि वैक्स बनी है या नहीं, आधे कप पानी में वैक्स की बनी कुछ बूंदे पानी में ड़ालें। यदि बूंदे पानी में नीचे बैठ जाएं तो समझे वैक्स तैयार है।इसे खुले मुंह वाले जार में ड़ाल कर रखें। वैक्सिंग करने के लिए: सबसे पहले बाहों पर टैलकम पॉउड़र लगाएं और स्पैचुला की सहायता से हल्की गर्म वैक्स को बालों की दिशा में लगाएं। सूती कपड़े की बनी पट्टी को वैक्स वाले स्थान पर रखकर बालों की दिशा की ओर हाथों की सहायता से दबाएं और फिर बालों की उल्टी दिशा में पट्टी खींच लें। सभी बाल एक साथ आ जायेंगे। बाकी के स्थान पर भी इसी तरीके से करें। वैक्सिंग के बाद ड़िटोल के पानी में भीगे तोलिए से पौंछ लें और क्रीम या लोशन लगाएं। वैक्सिंग बाहों, टांगों, अपर लिप्स, साईड़ लॉक्स और बगल में भी की जा सकती है। * सूती कपड़े की पट्टी के स्थान पर ड़िस्पोज़ल वैक्स पट्टी का प्रयोग किया जा सकता है। * यदि ब्लीचिंग और वैक्स दोनों करने हों तो पहले ब्लीच करना चाहिए फिर वैक्सिंग करें। * घाव, चोट और मस्से पर वैक्स नहीं करना चाहिए। Freckles/Moles/Warts फ्रैकल्स काफी बारीक रूप में त्वचा में पाए जाते है जिन्हें हटाया भी जा सकता है। दिन के समय सन ब्लॉक लगाने से इन्हें गहरा होने से रोका जा सकता है। फ्रैकल्स उन सैल्ज़ के कारण होता है जिन में मैलानिन की अधिकता होती है। साधारण तौर पर मैलानिन हमारी त्वचा को रंगत देता है। परंतु मैलानिन की अधिकता से ही फ्रैकल्ज़ हो जाते हैं। ये अधिकतर गाल पर, कन्धों पर और हाथों पर होते हैं। जब कभी हमारी त्वचा सूर्य के समपर्क में अधिक देर तक रहती है तो फ्रैकल्ज़ का रंग गहरा हो जाता है। इसलिए इससे बचने के लिए अपनी त्वचा को सूर्य की अल्ट्रावॉयलट किरणों से बचाना चाहिए। जब भी बागवानी कर रहे हैं या अधिक देर के लिए सूर्य की किरणों के समपर्क में हैं तो सिर पर चोड़ी हैट पहननी चाहिए या छाता का इस्तेमाल करना चाहिए। तिल (Moles) तिल त्वचा में हल्के भुरे रंग में छोटे या बड़े हो सकते हैं। ये हल्के या गहरे रंग में भी हो सकते हैं। तिल बचपन से ही हो जाते है जिन्हें हमारा सुन्दरता का हिस्सा मानते हैं। गर्भावस्था तिल गहरे हो जाते हैं और कभी-कभी और भी निकलने लगते हैं। किसी भी अवस्था में तिल के ऊपर से बाल को अवयं निकालना या खींचना नहीं चाहिए। वैसे तो तिल से किसी भी प्रकार की हानि नहीं होती परंतु यदि तिल का रंग या साईज़ बदलने लगे तो ड़ॉ स्व सलाह लेनी चाहिए। यदि तिल को हटाना चाहते हैं तो ये सर्जरी द्वारा करवाना चाहिए और ऐसा करवाना चाहिए जिससे तिल चेहरे की सुन्दरता को बढ़ाए। इससे चेहरे पर कोई निशान भी नहीं रहता। कभी-कभी स्त्रियाँ स्वयं चेहरे पर नकली तिल बनाती है चेहरे की सुन्दरता बढ़ाने के लिए। यदि चेहरे पर तिल बड़े हैं तो उन्हें सर्जरी द्वारा सही आकार और साईज़ देकर ब्युटी स्पॉट बना कर चेहरे को और सुन्दर बना सकते हैं। मस्सा (Warts) मस्सा एक आम समस्या है जो शरीर में कहीं भी हो सकते हैं। ये खुरदरे होते हैं और इनका कोई निश्चित आकार भी नहीं होता। मस्सा अधिकतर बचपन में हो जाते हैं। ये वायरस के कारण होते हैं और कुछ समय के साथ अपने-आप समाप्त हो जाते हैं। परन्तु वायरस रह जाता है जिसके कारण ये दोबारा कभी भी हो जाते हैं। डॉक्टर इन पर सोलुशन लगा कर इसे हटा देते हैं। या सर्जरी द्वारा इसे हटाया जा सकता है। ये मस्से त्वचा के रंग से गहरे होते है। कभी-कभी त्वचा पर जन्म से ही निशान होते हैं। ये दो प्र्कार के होते हैं, एक तो त्वचा पर हल्का लाल या थोड़ा सा कालापन लिए होता है और दूसरा मस्से के रूप में उभरा हुआ और खुरदरा होता है। ये कैपलरीज़ में होते है जो ड़ायमीटर में बढ़ते है। ये कोन सी कैपलरीज़ बड़ी है और कितनी बड़ी उस पर निर्भर करता है। ये निशान जन्म के समय ही दिखाई दे जाते हैं। कुछ तो समय के साथ-साथ समाप्त हो जाते हैं केवल हल्का सा निशान छोड़ जते हैं। यदि निशान बड़े हों तो ड़ॉक्टर द्वारा हटवाया जा सकता है। यदि आप को ऐसी कुछ समस्या है तो बेहतर होगा कि इस समस्या से निवारण से पहले अच्छी तरह जान लिया जाय। ताकि बाद में किसी और समस्या का सामना न करना पड़े। Freckles All Over Some people have skin that is prone to freckles and there is very little that can be done to remove them completely. By using a sun-block cream during the day, freckles can be prevented from turning darker. Freckles are caused by groups of cells which contain more than normal amount of melanin- the substance that gives the skin its particular colour. Red pore heads are most prone to freckles. These are usually found in clusters around the cheek and often on the upper arms and hands. Freckles turn darker when exposed to the sun. As such, always remember to use a sun block cream on your skin to prevent the ultraviolet rays darkening it. If you are doing some gardening or spending any length of time in the sun, wear a wide –brimmed hat, or use an umbrella. Don’t be disheartened if you have freckles, they can look very attractive sometimes depending on the location on face . MOLES: Moles are slightly raised patches on the skin varying in size and differing in colour from dark brown to black. They usually appear during childhood and become part of one’s make-up for the rest of life. Sometimes during pregnancy they seem darker or additional moles appear and look unsightly. Never under any circumstances, try to remove the hair on the mole yourself. Usually moles are harmless, but if they change colour or size one should consult a doctor. The only way to remove a mole is to have it done surgically without any scars. If you have a mole on your cheek or chin, you can turn it to your advantage and make it into a beauty spot, it can look very attractive. In fact, women some-times draw a mole with eyeliner pencil beside their mouth or high up on their cheek-bone to highlight their make-up. WARTS: Warts are a very common problem and can appear on any part of the body. They are usually irregular in shape and have a rough surface. They are usually contagious and are very common in children. Warts are usually caused by a virus and often disappear as suddenly as they appear. But the virus often remains in the skin and the warts can appear again at any time. Warts can be removed by a doctor by cauterizing. Sometimes special solutions are applied and the warts are scrapped off. They can also be cut away but this means cutting deep in to the skin and it can leave deep scars. Senile warts are darker than skin-colored spots that appear on middle aged or elderly people. They have an encrusted surface and can often feel itchy. Again the only way to treat it is medically. Usually they are frozen with liquid nitrogen or carbon-dioxide after application of local anaesthetic. No scarring results. There are two type of ‘Birthmark’- one known as the port wine stain and the other as the strawberry mark. The former is purple or red in colour and are caused by increased diameter of capillaries in that area. The colour depends on which capillary is enlarged and how enlarged it gets. One is born with this and, sometimes, especially the ones on the nose or an eyelid tend to disappear after a few years. If they do not, then the only answer is to find a cover-up cream of the same shade as your skin and to apply it on the mark under your make-up. The strawberry mark, unlike the port wine stain, is slightly raised and bright red in colour. This discoloration usually appears soon after birth and spreads. It disappears a few years later leaving a brown mark. When birthmarks are small they can be left alone but if they are big and disfiguring cosmetically , they can be removed by a medical practitioner using localized heat to destroy the cells, or even surgically. If you decide to have any of these problems treated surgically it would be wise to spend some time finding because it is not done by an expert, scarring can result which will leave you with a greater problem than the one you started out with. हाथों की शोभा नाखून यदि हाथों और पांव के नाखून सुन्दर और स्वस्थ न होकर भद्दे और कमजोर हों तो बाकी सारी सुन्दरता बेकार हो जाती है। शरीर और चेहरे के साथ-साथ हाथों और पांव की सुन्दरता का ध्यान भी रखना चाहिए। हाथों और पांव की सुन्दरता उनके नाखून से होती है। स्वस्थ नाखून हल्की गुलाबी रंगत लिये हुए होते हैं। नाखून कैरोटिन नामक प्रोटीन से बने होते हैं। नाखून में कोई खून, कोई नब्ज नहीं होती। कभी-कभी प्रोटीन या कैल्शियम की कमी से नाखून रूखे, पतले और पीले हो जाते हैं। चोट के कारण भी नाखून खराब हो जाते हैं। इसलिए नाखून को सुन्दर और स्वस्थ रखने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। * तिदिन नाखूनों पर ऑलिव-ऑयल से मसाज करनी चाहिए। * सोने से पहले हाथों और नाखून पर क्रीम लगानी चाहिए। * कैल्शियम युक्त भोजन का सेवन करें। * सालाद में प्रतिदिन चुकन्दर का सेवन करें। * नाखून पर नींबू का छिल्का रगड़ें। * माह में एक बार मैनीक्योर करवाना चाहिए या स्वयं करना चाहिए। * नाखून पर हमेशा नैल-पॉलिश लगी नहीं रहनी चाहिये अन्यथा नाखून पीले हो जाते हैं। * हाथ धोने के लिए हल्के साबुन का प्रयोग करना चाहिए। जब शरीर में विटामिन, कैल्शियम आदि की कमी आ जाती है या चेहरे की देखभाल नहीं की जाती या फिर गर्भावस्था के दौरान किन्ही कारणों से चेहरे पर झाईयां झलकने लगती हैं। यदि समय रहते अपनी देखभाल कर ली जाय और अपने भोजन में स्वस्थ भोजन की मात्रा बढ़ा दी जाय तब इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। सबसे पहले ये जानना बहुत जरूरी है कि पानी अच्छी मात्रा में पीना चाहिए। कम से कम दिन भर में आठ से दस ग्लास पानी पीना चाहिए। कुछ दिन तक लगातार जैतून के तेल से चेहरे की मालिश करनी चाहिए। यहाँ कुछ उपाय बताये जा रहे हैं जिन्हें आप अपनी ब्युटीशियन से सम्पर्क करके जानकारी ले कर त्वचा और जरूरत के अनुसार प्रयोग में लाया जा सकता है। * एक चम्मच बेसन में एक चुटकी हल्दी और कुछ नींबू की बूंदे मिला कर मलाई की सहायता से पेस्ट बना कर चेहरे और गर्दन पर लगाएं। 15 मिनट के बाद धो लें। * साफ-सुथरे सिलबट्टे पर दूध की सहायता से जॉयफल घिस कर झाईयों वाले स्थान पर या पूरे चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट बाद ताजा पानी से धो लें। * कभी-कभी चेहरे पर टमाटर या कच्चा आलु मलें और 15 मिनट बाद धो लें। * अरहर की दाल को रात भर पानी में भिगो कर रख लें और सुबह पीस कर पेस्ट बना लें और दहीं मिला कर चेहरे पर लगाएं। 15 मिनट बाद धो लें। * शहद में कुछ बूंदे नींबू की मिला कर चेहरे पर लगाया जा सकता है। गर्भवती महिलाओं के लिए सौन्दर्य गर्भवती महिलाओं में इस दौरान बहुत परिवर्तन आते हैं। खान-पान बदल जाता है, त्वचा में खुश्की आ जाती है इसलिए खान-पान के साथ-साथ त्वचा का भी खास ध्यान रखना पड़ता है। कुछ ऐसी बातें जो इस दौरान लाभकारी हो सकती हैं। * चेहरे की रोजाना क्लींजिंग मिल्क से सफाई करें। एक चम्मच मलाई में ½ चम्मच नींबू का रस, एक चुटकी हल्दी इन सभी को एक साथ मिला लें। सुबह-शाम इस मिश्रण को चेहरे पर लगा कर मसले जब तक कि ये बत्तियों के रूप में निकलने न लगें। फिर चेहरे को धो कर मॉयश्चराईज़र लगाएं। * चेहरे पर आई खुश्की को दूर करने के लिए स्नान से पहले एक चम्मच दहीं में दो बूंद बादाम रोगन व आधा चम्मच गुलाब जल मिला कर चेहरे पर लगाएं। 15-20 मिनट बाद गीली रुईं से पौंछ दें। * 4 बड़े चम्मच मलाई, 1 चम्मच बादाम रोगन, 1 चम्मच खीरे का रस, 1 चम्मच शहद, 1 चम्मच गुलाब जल, 1 चम्मच नींबू का रस। प्रतिदिन ये मिश्रण चेहरे पर लगाने से दाग-धब्बे नहीं आते। और यदि आते भी है तो साफ हो जाते हैं। प्रत्येक उम्र में नींद जरूरी है परंतु नींद कितनी होनी चाहिए ये जानना भी जरूरी है। दिन भर इंसान काम में जुटा रहता है और काम की अधिकता के कारण वह अपना समय नींद की कटौती से पूरा करता है। वह यह भूल जाता है कि दिन भर की भाग-दौड़ के बाद शरीर और दिमाग को पूर्ण आराम चाहिए। जब हम नींद में होते हैं तब हमारे शरीर की मरम्मत का कार्य शुरु होता है और शरीर दूसरे दिन कार्य करने के लिए तैयार हो जाता है अर्थात शरीर उर्जा से भर जाता है। नींद की कमी के कारण कईं बार हादसे भी हो जाते हैं इसलिए जरूरी है कि नींद पूरी हो। कुछ लोगों का कहना है कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है नींद की जरूरत कम हो जाती है अर्थात बुजुर्गों को ज्यादा नींद की जरूरत नहीं है। व्यस्क के लिए-6—8 घंटे की नींद चाहिए। स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए-10-12 घंटे युवक और युवतियों के लिए 8-9 घंटे नव शिशु के लिए-16-18 घंटे SLEEP Sleep is necessary at all ages but how much sleep you need is essential to know. Humans continue to work the whole day and the time to complete the extra workload is offset with the reduced sleep hours. But humans forget that body and mind needs complete rest after full days workload. Body regenerates itself while we sleep and prepares itself for the next working day and fills with energy. Lack of sleep can cause accidents and hence a full nights sleep is a must. As humans age, humans require lesser sleep and hence elderly people sleep for shorter number of hours as given below: Adults 6-8 hours sleep Young men and women 8-9 hours sleep School going children 10-12 hours sleep Newly born babies 16-18 hours sleep